प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व विधायक सुखपाल सिंह खैरा की चंडीगढ़ स्थित कोठी (हाउस नंबर 6, सेक्टर 5) को मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA), 2002 के तहत जब्त कर लिया है. ये कार्रवाई 8 मार्च 2025 को की गई. ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में कार्रवाई ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि सुखपाल सिंह खैरा ने ड्रग तस्करी से जुड़े अपराध से 3.82 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का उपयोग किया. यह रकम अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ी थी जिसे गुरदेव सिंह और उसके विदेशी साथियों की तरफ से चलाया जा रहा था. पंजाब पुलिस की जांच में 1800 ग्राम हेरोइन, हथियार, पाकिस्तानी सिम कार्ड, 24 सोने के बिस्किट और मोबाइल फोन बरामद हुए थे. इनमें से 350 ग्राम हेरोइन, एक पाकिस्तानी सिम, इंग्लैंड निर्मित 32 बोर वेबली स्कॉट रिवॉल्वर, 24 जिंदा कारतूस और 24 सोने के बिस्किट (कुल वजन 333 ग्राम) गुरदेव सिंह के पास से मिली थी. इस मामले में 31 अक्टूबर 2017 को विशेष अदालत, फाजिल्का ने गुरदेव सिंह और आठ अन्य को दोषी करार दिया था. ड्रग तस्करी में खैरा की संलिप्तता ईडी की जांच के अनुसार गुरदेव सिंह ने सुखपाल सिंह खैरा को 3.82 करोड़ रुपये नकद दिए, जो नशीले पदार्थों की तस्करी में मदद और संरक्षण के बदले दिए गए थे. इसके अलावा ड्रग तस्करी से मिली रकम से उनके चुनाव प्रचार को भी फंडिंग की गई. गुरदेव सिंह मार्केट कमेटी ढिलवां के चेयरमैन थे और सुखपाल सिंह खैरा के करीबी सहयोगी माने जाते थे. अवैध संपत्ति का खुलासा 2014 से 2020 के बीच सुखपाल सिंह खैरा और उनके परिवार ने कुल 6.61 करोड़ रुपये खर्च किए जिसमें 3.82 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति सामने आई. 9 और 10 मार्च 2021 को हुई छापेमारी में हाथ से लिखी गई नोटबुक्स मिलीं, जिनमें यह खर्च दर्ज था. गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई 11 नवंबर 2021: ईडी ने सुखपाल सिंह खैरा को PMLA की धारा-19 के तहत गिरफ्तार किया. 6 जनवरी 2022: मोहाली की PMLA कोर्ट में सुखपाल सिंह खैरा और गुरदेव सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई. 17 अक्टूबर 2023: कोर्ट ने सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ आरोप तय कर दिए. ये कार्रवाई ड्रग तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की जब्ती के तहत की गई है.